sherKuch Alfaaz
यूँँ तो दुनिया में बेकल रहे हैं हौसले से मगर चल रहे हैं
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@sohil_barelvi
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Ghazal
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Nazm
यूँँ तो दुनिया में बेकल रहे हैं हौसले से मगर चल रहे हैं
ये तू किस शक्ल में आया है क़ासिद बशारत रास्ते में मर गई क्या?
ये समुंदर भी ख़ाली कर दूँगा एक क़तरा तो पी लिया मैं ने
ये महफ़िल है मियाँ ज़िंदा-दिलों की सुनो यारों यहाँ हम बोलते हैं
ये जन्म-दिन का दिन तो नहीं है मगर हबीब ऐसी दुआएँ दे कि यही जन्म-दिन लगे
यार देखो दुनिया कितनी ख़ूब-सूरत है यहीं क्या ख़्वाहिशों का बोझ ढोते ढोते सब को मरना होगा
याद-ए-माज़ी के सिवा कुछ नहीं रहता है यहाँ देखते देखते हर साल गुज़र जाता है
याद आया बहुत दिनों के बा'द मेरे अंदर भी कोई रहता है
याद आता है धीरे धीरे कैसे दुनिया उजड़ी अपनी कुछ हम बदले कुछ तुम बदले बा'द में क़िस्मत बदली अपनी
जो ज़िंदा हैं न मुर्दा हैं बहुत तकलीफ़ में होंगे मिरे भगवान उन की आत्मा को शांति देना