sherKuch Alfaaz
तेरे कहने से ये जादू नहीं होने वाला अब सितारा कोई जुगनू नहीं होने वाला

Writer
@varun-anand
17
Sher
17
Ghazal
2
Nazm
तेरे कहने से ये जादू नहीं होने वाला अब सितारा कोई जुगनू नहीं होने वाला
लोगों को उस का नाम बताने से रह गया इक लफ़्ज़ था जो शे'र में आने से रह गया
न जाने कौन सी आए सदा पसंद उसे सो हम सदाएँ बदल कर सदाएँ देते रहे
बड़ी जल्दी में था उस दिन ज़रा बेचैन भी था वो उसे कहना था कुछ मुझ सेे मगर वो कह नहीं पाया
मेरे क़ुबूल पे उस ने क़ुबूल कह तो दिया पर एक बार कहा उस ने तीन बार नहीं
ये कितनी लाशें सहेजे किसे कहाँ रक्खें कि तंग आ गई है अब ज़मीन लोगों से
हमारी मर्ज़ी से अब क्या बदलने वाला है तुम्हारे कब्ज़े में वोटिंग मशीन है साहब
जिस शय पर वो उँगली रख दे उस को वो दिलवानी है उस की ख़ुशियाँ सब से अव्वल सस्ता महँगा एक तरफ़
हाकिम को इक चिट्ठी लिक्खो सब के सब और उस
इतना ऊँचा उड़ना भी कुछ ठीक नहीं पाबंदी लग जाती है परवाज़ों पर