रोज़ आती है नई मुस्किल परेशानी रोज़ मरता है जहाँ में आदमी साहब
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मौत का एक दिन मुअय्यन है नींद क्यूँँ रात भर नहीं आती
Mirza Ghalib
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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गुनाहगार को इतना पता तो होता है जहाँ कोई नहीं होता ख़ुदा तो होता है
Waseem Barelvi
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लोग सुन कर वाह-वाही करते हैं हर बार ही रोज़ ही रोता हूँ अब तो मैं किसी सुर-ताल में
nakul kumar
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जहाँ से जी न लगे तुम वहीं बिछड़ जाना मगर ख़ुदा के लिए बे-वफ़ाई न करना
Munawwar Rana
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ज़िंदगी ख़्वाब मत दिखाया कर है गुज़ारिश उदास लोगों की
Sabir Pathan
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ज़िंदगी ढूँढ़ने निकल आए रौशनी ढूँढ़ने निकल आए
Sabir Pathan
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ज़िंदगी से तंग आ कर मौत से मैं जा मिला हूँ
Sabir Pathan
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यक़ीं कर दोस्ती भी दर्द देती है चला के देखना तुम तीर पीछे से
Sabir Pathan
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मेरी ख़्वाहिश है एक बेटी हो नाम जिस का सना रखूँगा मैं
Sabir Pathan
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