दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
More from Waseem Barelvi
सब के चेहरे पे जो तनक़ीद किया करते हैं आइना उन को दिखा दो तो मज़ा आ जाए
Waseem Barelvi
13 likes
जाके लौटा है कहीं कोई हवा का झोंका तुम ने क्या सोच के दरवाज़ा खुला रक्खा है
Waseem Barelvi
24 likes
ज़रा सा क़तरा कहीं आज अगर उभरता है समुंदरों ही के लहजे में बात करता है
Waseem Barelvi
33 likes
न पाने से किसी के है न कुछ खोने से मतलब है ये दुनिया है इसे तो कुछ न कुछ होने से मतलब है
Waseem Barelvi
34 likes
इस दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं 'वसीम' जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले
Waseem Barelvi
33 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Waseem Barelvi.
Similar Moods
More moods that pair well with Waseem Barelvi's sher.







