जब आँखों में लगाता हूँ तो चुपके-चुपके हंस-हंसकर तेरी तस्वीर भी कहती है, सूरत ऐसी होती है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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आशिक़ी से मिलेगा ऐ ज़ाहिद बंदगी से ख़ुदा नहीं मिलता
Dagh Dehlvi
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ना-उमीदी बढ़ गई है इस क़दर आरज़ू की आरज़ू होने लगी
Dagh Dehlvi
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ख़ुदा रक्खे मोहब्बत ने किए आबाद दोनों घर मैं उन के दिल में रहता हूँ वो मेरे दिल में रहते हैं
Dagh Dehlvi
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मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है मेरी जाँ चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है
Dagh Dehlvi
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वा'दा झूटा कर लिया चलिए तसल्ली हो गई है ज़रा सी बात ख़ुश करना दिल-ए-नाशाद का
Dagh Dehlvi
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