जले जाते है ये दीपक दिवाली में के जैसे मैं जली जाती हूँ जब भी तुम दिवाली पर नहीं होते
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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मैं माँगू वक़्त नोटों सा तू चिल्लड़ सा थमा जाए तेरी ख़ैरात में अपना गुज़ारा हो नहीं सकता
Firdous khan
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सुनो जानाँ तुम्हारे लब पे मय का एक भी क़तरा मेरी आँखों की है तौहीन और नाकाबिल-ए-बर्दाश्त
Firdous khan
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तुम्हारे क़दमों को जब चूमती हूँ लगता है ऐसा कोई जोगन किसी दरगाह की चौखट को चू में है
Firdous khan
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लाश बिस्तर से देखती है उसे रूह लटकी हुई है पंखे पर
Firdous khan
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तुम्हारा फ़ोन ख़ुद काटूँ तो ये महसूस होता है कि जैसे आख़िरी साँसों को गिनते ख़ुद-कुशी कर ली
Firdous khan
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