कि हस्ब-ए-काएनात में जो मुस्कुरा रहा हूँ मैं ख़िज़ाँ में जैसे गुल खिला है मौसम-ए-बहार का
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ज़िंदगी इक ख़ूब-सूरत हादिसा है शक्ल मिट्टी की घड़ी बहती हवा है आँसुओं से तुम सदा दो आएगा वो हाल-ए-दिल वो जानता है वो ख़ुदा है
Raj Tiwari
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तुम्हें देखे बहुत दिन हो गए हैं हम अब दिन गिन रहे हैं उँगलियों पर
Raj Tiwari
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ये मेरा ज़र्फ़ है जो मैं तिरा हूँ आज तलक वरना बैठी हैं बहुत बस मिरी इक हाँ के लिए
Raj Tiwari
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शाद-ओ-आबाद रहे सफ़्हा हर इक दिल का 'राज' इन किताबों से गुलाबों की महक आती है
Raj Tiwari
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इतने सालों बा'द भी जब तेरी याद आती है लब हँस पड़ते हैं आँख आज भी नम हो जाती है
Raj Tiwari
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