या तेरे अलावा भी किसी शय की तलब है या अपनी मोहब्बत पे भरोसा नहीं हम को
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
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ज़िंदगी किस तरह बसर होगी दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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जहाँ में होने को ऐ दोस्त यूँ तो सब होगा तेरे लबों पे मेरे लब हों ऐसा कब होगा
Shahryar
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तमाम उम्र का हिसाब माँगती है ज़िंदगी ये मेरा दिल कहे तो क्या कि ख़ुद से शर्मसार है
Shahryar
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न ख़ुश-गुमान हो इस पर तू ऐ दिल-ए-सादा सभी को देख के वो शख़्स मुस्कुराता है
Shahryar
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दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूँढ़े पत्थर की तरह बेहिस ओ बेजान सा क्यूँँ है
Shahryar
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सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का यही तो वक़्त है सूरज तिरे निकलने का
Shahryar
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