अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिस ने भी मोहब्बत की मरने की दुआ माँगी जीने की सज़ा पाई
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
Faiz Ahmad Faiz
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बड़ी हसरत से इंसाँ बचपने को याद करता है ये फल पक कर दोबारा चाहता है ख़ाम हो जाए
Nushur Wahidi
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हज़ार शम्अ' फ़रोज़ाँ हो रौशनी के लिए नज़र नहीं तो अँधेरा है आदमी के लिए
Nushur Wahidi
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इक नज़र का फ़साना है दुनिया सौ कहानी है इक कहानी से
Nushur Wahidi
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जो बिस्मिल बना दे वो क़ातिल तबस्सुम जो क़ातिल बना दे वो दिलकश नज़ारा मोहब्बत का भी खेल नाज़ुक है कितना नज़र मिल गई आप जीते मैं हारा
Nushur Wahidi
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हस्ती का नज़ारा क्या कहिए मरता है कोई जीता है कोई जैसे कि दिवाली हो कि दिया जलता जाए बुझता जाए
Nushur Wahidi
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