बड़े ग़ैज़-ओ-ग़ज़ब में है ये सूरज मुसलसल आग उगलता जा रहा है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ज़रा सी रौशनी के वास्ते मुझ ऐसों को ख़ुद अपनी ज़ात ही में पहले जलना पड़ता है
Irshad 'Arsh'
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नया किरदार कहानी में उतर आया तो ख़त्म देखो मेरा क़िरदार हो भी सकता है
Irshad 'Arsh'
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कुछ न करने के सौ बहाने हैं करना चाहो तो क्या नहीं होता
Irshad 'Arsh'
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याद है मुझ को तेरे साथ वो बारिश का सफ़र अब अकेला हूँ मगर ख़ैर कोई बात नहीं
Irshad 'Arsh'
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हम चराग़ों से जलने वाले लोग रौशनी में दिखाई क्यूँँंँ देंगे
Irshad 'Arsh'
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