चारा-गर ऐ चारा-गर चिल्लाती थी ज़ख़्मों को भी हाथ नहीं लगवाती थी पता नहीं कैसा माहौल था उस के घर बुर्का पहन के शर्टें लेने आती थी
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
More from Zia Mazkoor
यहाँ से जाने की जल्दी किस को है तुम बताओ ये सूटकेसों में कपड़े किस ने रखे हुए हैं करा तो लूँगा इलाक़ा ख़ाली मैं लड़-झगड़ कर मगर जो उस ने दिलों पे क़ब्ज़े किए हुए हैं
Zia Mazkoor
43 likes
कोई कहता नहीं था लौट आओ कि हम पैसे ही इतने भेजते थे तुम्हारा शुक्रिया ऐ डूबती नाव कि हम भी तैरना भूले हुए थे
Zia Mazkoor
33 likes
आप का काम हो गया साहब लाश दरिया में फेंक दी मैं ने
Zia Mazkoor
17 likes
ऐसे तेवर दुश्मन ही के होते हैं पता करो ये लड़की किस की बेटी है
Zia Mazkoor
57 likes
जगह जगह न तअल्लुक़ ख़राब कर मेरा तेरे लिए तो किसी से भी लड़ पड़ूँगा मैं
Zia Mazkoor
45 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Zia Mazkoor.
Similar Moods
More moods that pair well with Zia Mazkoor's sher.







