चलो , तुम कह रहे हो गर, तो आदत छोड़ देते हैं तुम्हारे ही लिए तुम सेे मुहब्बत छोड़ देते हैं हमारे इश्क़ को वहशत समझने लग गए तो फिर बिलखते ख़्वाब , ख़ामोशी ये वहशत छोड़ देते हैं
Related Sher
उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
128 likes
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
125 likes
इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
124 likes
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
132 likes
तुम उन के वा'दे का ज़िक्र उन से क्यूँँ करो 'ग़ालिब' ये क्या कि तुम कहो और वो कहें कि याद नहीं
Mirza Ghalib
123 likes
More from Chandan Mishra
दुआ की है मिले वो प्यार दामन में बहाएंँ अश्क जिस सरशार दामन में न आओ पास के आँखें मिरी हैं नम कि है कुछ दर्द इस गम-ख़्वार दामन में
Chandan Mishra
2 likes
ये जुगनू रात को लड़ बैठते हैं रोज़ तारों से वही सूरज से डर कर क्यूँँ बग़ावत छोड़ देते हैं
Chandan Mishra
3 likes
आसरा था दिया जिस शज़र ने कभी क्यूँँ उड़ा फिर परिंदा उसे छोड़ कर
Chandan Mishra
7 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Chandan Mishra.
Similar Moods
More moods that pair well with Chandan Mishra's sher.







