चलता रहने दो मियाँ सिलसिला दिलदारी का आशिक़ी दीन नहीं है कि मुकम्मल हो जाए
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अब जो पत्थर है आदमी था कभी इस को कहते हैं इंतिज़ार मियाँ
Afzal Khan
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तुझे किसी ने ग़लत कह दिया मेरे बारे नहीं मियाँ मैं दिलों को दुखाने वाला नहीं
Ali Zaryoun
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चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है
Hasrat Mohani
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रंग गालों पे लगा रहने दो ख़ूब जँचता है ये गहना तुम पर
Mukesh Jha
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इश्क़ क्या है ख़ूब-सूरत सी कोई अफ़वाह बस वो भी मेरे और तुम्हारे दरमियाँ उड़ती हुई
Nomaan Shauque
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क्या तमाशा है कि सब मुझ को बुरा कहते हैं और सब चाहते हैं मेरी तरह का होना
Abbas Tabish
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मुझ को उस की आँखों में कूदने की आदत है मैं तुम्हें बताऊँगा ख़ुद-कुशी के बारे में
Abbas Tabish
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मैं ने आँखों के किनारे भी न तर होने दिए जिस तरफ़ से आया था सैलाब वापस कर दिया
Abbas Tabish
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मेरे आँसू मिरे अंदर ही गिरे रोने से जी और बोझल हो गया
Abbas Tabish
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घर पहुँचता है कोई और हमारे जैसा हम तेरे शहर से जाते हुए मर जाते हैं
Abbas Tabish
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