sherKuch Alfaaz

चुप हुए तो घर से निकले जा के दफ़्तर रो पड़े इश्क़ ऐसी जंग है जिस में सिकंदर रो पड़े बस दिलों पर कब किसी का चल सका है इश्क़ में फिर से डायल कर के हम वो एक नंबर रो पड़े

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