गली के मोड़ पे बच्चों के एक जमघट में किसी ने दर्द-भरे लय में माहिया गाया मुझे किसी से मोहब्बत नहीं मगर ऐ दिल ये क्या हुआ कि तू बे-इख़्तियार भर आया
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुझ से किस तरह मैं इज़हार-ए-तमन्ना करता लफ़्ज़ सूझा तो मआ'नी ने बग़ावत कर दी
Ahmad Nadeem Qasmi
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जो दिल दुखा है तो ये अज़्म भी मिला है हमें तमाम उम्र किसी का न दिल दुखाएँगे हम
Ahmad Nadeem Qasmi
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उस वक़्त का हिसाब क्या दूँ जो तेरे बग़ैर कट गया है
Ahmad Nadeem Qasmi
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ख़ुदा करे कि तिरी उम्र में गिने जाएँ वो दिन जो हम ने तिरे हिज्र में गुज़ारे थे
Ahmad Nadeem Qasmi
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जिस भी फ़नकार का शहकार हो तुम उस ने सदियों तुम्हें सोचा होगा
Ahmad Nadeem Qasmi
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