hum jahan chae pine jate the kya wahan ab bhi aaya karte the
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उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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माँगे तो अगर जान भी हँस के तुझे दे दें तेरी तो कोई बात भी टाली नहीं जाती
Wasi Shah
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न तुम्हें होश रहे और न मुझे होश रहे इस क़दर टूट के चाहो मुझे पागल कर दो
Wasi Shah
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तुम मिरी आँख के तेवर न भुला पाओगे अन-कही बात को समझोगे तो याद आऊँगा
Wasi Shah
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ज़िन्दगी अब के मेरा नाम ना शामिल करना गर ये तय है कि यही खेल दोबारा होगा
Wasi Shah
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तेरे गले में जो बाँहों को डाल रखते हैं तुझे मनाने का कैसा कमाल रखते हैं
Wasi Shah
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