sherKuch Alfaaz

इश्क़ अगर बढ़ता है तो फिर झगड़े भी तो बढ़ते हैं आमदनी जब बढ़ती है तो ख़र्चे भी तो बढ़ते हैं माना मंज़िल नहीं मिली है हम को लेकिन रोज़ाना एक क़दम उस की जानिब हम आगे भी तो बढ़ते हैं

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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे

Vikram Gaur Vairagi

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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं

Rahat Indori

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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

Tehzeeb Hafi

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

Jawwad Sheikh

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