ishq ke shoale ko bhadkao ki kuchh raat kate dil ke angare ko dahkao ki kuchh raat kate
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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अब किसे है दिमाग़-ए-तोहमत-ए-इश्क़ कौन सुनता है बात फूलों की
Makhdoom Mohiuddin
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आप की याद आती रही रात भर चश्म-ए-नम मुस्कुराती रही रात भर
Makhdoom Mohiuddin
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रात भर दर्द की शम्अ' जलती रही ग़म की लौ थरथराती रही रात भर
Makhdoom Mohiuddin
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हम ने हँस हँस के तेरी बज़्म में ऐ पैकर-ए-नाज़ कितनी आहों को छुपाया है तुझे क्या मालूम
Makhdoom Mohiuddin
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