जल रही है शब, सहर भी जल रहा है जलते हैं आदम कि घर भी जल रहा है आग नफ़रत की लगाई जाने किस ने शहर जलता है ग़ुजर भी जल रहा है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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वतन का दुलारा गया आसमाँ को कि कितनों का प्यारा गया आसमाँ को ज़मीं ने सितारे लुटाए फ़लक पे ज़मीं से सँवारा गया आसमाँ को
Chandan Sharma
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ज़िंदगी बे-ख़बर रही मुझ से ऐसे की ज़िंदगी बसर मैं ने अपने अंदर तुझे बसाया और ढूँढ़ा फिर ख़ुद को दर-ब-दर मैं ने
Chandan Sharma
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था नहीं काम कुछ भी कर ली तबाह ज़िंदगी जीने को थी कर ली तबाह ढूँढ़ते फिरते अहल-ए-इश्क़-ओ-वफ़ा हम ने अपनी जवानी कर ली तबाह
Chandan Sharma
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तेरे बा'द भी आईं और गईं कितनी ही हसीनाएँ जान मैं ने लेकिन हिज्र के ग़म का वो भौकाल बनाए रक्खा तेरे लौट आने का इस दिल को अरसों तक वहम रहा दोस्त सो बरसों मैं ने भी अपनी दाढ़ी बाल बनाए रक्खा
Chandan Sharma
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तुम्हारा साथ पाने वाले जानाँ करेंगे नाज़ तुम हो साथ उन के
Chandan Sharma
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