sherKuch Alfaaz

जल रही है शब, सहर भी जल रहा है जलते हैं आदम कि घर भी जल रहा है आग नफ़रत की लगाई जाने किस ने शहर जलता है ग़ुजर भी जल रहा है

More from Chandan Sharma

वतन का दुलारा गया आसमाँ को कि कितनों का प्यारा गया आसमाँ को ज़मीं ने सितारे लुटाए फ़लक पे ज़मीं से सँवारा गया आसमाँ को

Chandan Sharma

0 likes

ज़िंदगी बे-ख़बर रही मुझ से ऐसे की ज़िंदगी बसर मैं ने अपने अंदर तुझे बसाया और ढूँढ़ा फिर ख़ुद को दर-ब-दर मैं ने

Chandan Sharma

0 likes

था नहीं काम कुछ भी कर ली तबाह ज़िंदगी जीने को थी कर ली तबाह ढूँढ़ते फिरते अहल-ए-इश्क़-ओ-वफ़ा हम ने अपनी जवानी कर ली तबाह

Chandan Sharma

0 likes

तेरे बा'द भी आईं और गईं कितनी ही हसीनाएँ जान मैं ने लेकिन हिज्र के ग़म का वो भौकाल बनाए रक्खा तेरे लौट आने का इस दिल को अरसों तक वहम रहा दोस्त सो बरसों मैं ने भी अपनी दाढ़ी बाल बनाए रक्खा

Chandan Sharma

0 likes

तुम्हारा साथ पाने वाले जानाँ करेंगे नाज़ तुम हो साथ उन के

Chandan Sharma

0 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Chandan Sharma.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Chandan Sharma's sher.