कब बार-ए-तबस्सुम मिरे होंटों से उठेगा ये बोझ भी लगता है उठाएगा कोई और
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मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
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पड़ी रहने दो इंसानों की लाशें ज़मीं का बोझ हल्का क्यूँँ करें हम
Jaun Elia
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उस के होंटों पे रख के होंट अपने बात ही हम तमाम कर रहे हैं
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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अजब अंदाज़ से ये घर गिरा है मिरा मलबा मिरे ऊपर गिरा है
Aanis Moin
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बिखर के फूल फ़ज़ाओं में बास छोड़ गया तमाम रंग यहीं आस-पास छोड़ गया
Aanis Moin
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याद है 'आनिस' पहले तुम ख़ुद बिखरे थे आईने ने तुम से बिखरना सीखा था
Aanis Moin
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इक डूबती धड़कन की सदा लोग न सुन लें कुछ देर को बजने दो ये शहनाई ज़रा और
Aanis Moin
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हज़ारों क़ुमक़ुमों से जगमगाता है ये घर लेकिन जो मन में झाँक के देखूँ तो अब भी रौशनी कम है
Aanis Moin
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