कभी इस से कभी उस से मुझे सब से मोहब्बत हो नहीं मैं वो नहीं हूँ जो सभी के साथ हो जाए
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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आप के तोड़े हुए फूल या छोड़े हुए लोग एक ही क़िस्म की बर्बादी यहाँ पाएँगे पहले पहले तो लुभाएँगे तुम्हें ख़ुशबू से धीरे धीरे वो किताबों में बिखर जाएँगे
ALI ZUHRI
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उसे बनाया गया था बहुत हसीन जमील मैं उस सेे इश्क़ न करता तो और क्या करता
ALI ZUHRI
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तुम एक शख़्स पे जीवन बिताते हो हद है किसी के प्यार में ख़ुद को भुलाते हो हद है तुम्हारी राह से कंकर चुने थे मैंनें दोस्त मुझे ही राह का पत्थर बताते हो हद है
ALI ZUHRI
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तुम्हारी मौत का दुख होता तो सहन होता तुम्हारे हिज्र का दुख कैसे सह सकूँगा मैं
ALI ZUHRI
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नज़र घुमा के कभी देख ले घड़ी की तरफ़ बहुत समय से कोई तेरे इंतिज़ार में है
ALI ZUHRI
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