किसी को हो कोई भी मर्ज़ सब को कहता फिरता हूँ श़िफा का राज़ तेरे नाम की दवा ज़रूरी है
Related Sher
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
More from Harsh Raj
ये मत समझो किया इग्नोर हर इतवार मैं ने झिझक की वजह से तुझ को किया इनकार मैं ने ख़ुदा ने ही कहा है फल की चिंता मत किया कर ख़ुदा का नाम ले के कर दिया इजहार मैं ने
Harsh Raj
0 likes
यहाँ पर हैं सभी जो दोस्त बन जाने के लाइक़ हैं मगर कुछ ही तो हैं जो दोस्त कहलाने के लाइक़ हैं
Harsh Raj
0 likes
तुम्हीं मेरा सवाल हो तुम्हीं मेरा जवाब भी मिले जवाब इक दफा तो लिख दूँ मैं किताब भी नहीं हो शक उसे सो पीला दे दिया गुलाब,पर उसे तो देख कर गुलाबी हो गया गुलाब भी
Harsh Raj
0 likes
इश्क़ ने मारा थप्पड़ मुझे ज़ोर से मैं ने फिर दूसरा गाल आगे किया पूछा जब उस ने किस रंग से रंग दूँ सब को बाज़ू रखा लाल आगे किया
Harsh Raj
0 likes
किसी को हो कोई भी मर्ज़ सब को कहता फिरता हूँ श़िफा का राज़ तेरे नाम की दवा ज़रूरी है
Harsh Raj
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Harsh Raj.
Similar Moods
More moods that pair well with Harsh Raj's sher.







