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किसी को हो कोई भी मर्ज़ सब को कहता फिरता हूँ श़िफा का राज़ तेरे नाम की दवा ज़रूरी है

Harsh Raj0 Likes

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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

Ahmad Faraz

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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है

Tehzeeb Hafi

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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

Tehzeeb Hafi

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

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ये मत समझो किया इग्नोर हर इतवार मैं ने झिझक की वजह से तुझ को किया इनकार मैं ने ख़ुदा ने ही कहा है फल की चिंता मत किया कर ख़ुदा का नाम ले के कर दिया इजहार मैं ने

Harsh Raj

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यहाँ पर हैं सभी जो दोस्त बन जाने के लाइक़ हैं मगर कुछ ही तो हैं जो दोस्त कहलाने के लाइक़ हैं

Harsh Raj

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तुम्हीं मेरा सवाल हो तुम्हीं मेरा जवाब भी मिले जवाब इक दफा तो लिख दूँ मैं किताब भी नहीं हो शक उसे सो पीला दे दिया गुलाब,पर उसे तो देख कर गुलाबी हो गया गुलाब भी

Harsh Raj

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इश्क़ ने मारा थप्पड़ मुझे ज़ोर से मैं ने फिर दूसरा गाल आगे किया पूछा जब उस ने किस रंग से रंग दूँ सब को बाज़ू रखा लाल आगे किया

Harsh Raj

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किसी को हो कोई भी मर्ज़ सब को कहता फिरता हूँ श़िफा का राज़ तेरे नाम की दवा ज़रूरी है

Harsh Raj

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