किस के बुलाने पर चला आया यहाँ है कौन वो जिस का नज़ारा कट गया क्या एक टुकड़ा भी बचा सकता नहीं क्या दिल मिरा पूरा ख़ुदारा कट गया
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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यहाँ पर मसअला मुश्किल नहीं होता जुदा करना कभी तो आशिक़ों के हाल पर जा कर दुआ करना
Sagar Sahab Badayuni
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हम सेे दिल से उस ने सिर्फ़ रिहाई माँगी दिल रोया हँस कर आज़ाद किया पर हम ने
Sagar Sahab Badayuni
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मुझ में उदासी ढूँढ़ना मुश्किल नहीं हँसता खिला चेहरा कहीं मिलता नहीं
Sagar Sahab Badayuni
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मैं किस तरह ख़ुश हूँ बर्बाद यहाँ होकर मेरी ख़ुशियों तुम पर अफ़सोस किया जाए
Sagar Sahab Badayuni
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तुम लोग बस ऐसे उठा लेना जनाज़ा ये मिरा जैसे किसी डोली में दुल्हन को उठा कर चलते हैं
Sagar Sahab Badayuni
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