mai bhi hotel mein piyo chanda bhi do masjid mein shaikh bhi khush rahen shaitan bhi be-zar na ho
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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क़ौम के ग़म में डिनर खाते हैं हुक्काम के साथ रंज लीडर को बहुत है मगर आराम के साथ
Akbar Allahabadi
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दावा बहुत बड़ा है रियाज़ी में आप को तूल-ए-शब-ए-फ़िराक़ को तो नाप दीजिए
Akbar Allahabadi
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दिल वो है कि फ़रियाद से लबरेज़ है हर वक़्त हम वो हैं कि कुछ मुँह से निकलने नहीं देते
Akbar Allahabadi
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जो वक़्त-ए-ख़त्ना मैं चीख़ा तो नाई ने कहा हँस कर मुसलमानी में ताक़त ख़ून ही बहने से आती है
Akbar Allahabadi
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इस क़दर था खटमलों का चारपाई में हुजूम वस्ल का दिल से मिरे अरमान रुख़्सत हो गया
Akbar Allahabadi
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