मौजूद है जिगर में बहुत ग़म हुसैन का हम इस लिए तो करते हैं मातम हुसैन का अपना तो मुल्क दोस्तो बस एक मुल्क है लहरेगा सारे मुल्क में परचम हुसैन का
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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सोचते हो किस तरह दुनिया कहे मज़बूत शख़्स सोचने से यार वैसा तुम नहीं हो पाओगे मन की बातें करने वाले है हक़ीक़त अब यही इंदिरा गाँधी के जैसा तुम नहीं हो पाओगे
Danish Balliavi
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इश्क़ से इल्तिफ़ात मेरी है ये नई वारदात मेरी है मैं ने चाहा है इतनी शिद्दत से यार वो काएनात मेरी है
Danish Balliavi
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तेरी नज़रों से मिलती हैं ख़ामोशियाँ दिल में क्यूँ रखता है इतनी सरगोशियाँ
Danish Balliavi
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सनम तुम को बहुत यूँँ बे-सबब हम याद करते हैं जी भर के वक़्त अपना इस क़दर बर्बाद करते हैं
Danish Balliavi
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रूठ जाएगा वो मुझ से बस इक दफ़ा, बोल दूँगा ये मैं अलविदा अलविदा
Danish Balliavi
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