सोचते हो किस तरह दुनिया कहे मज़बूत शख़्स सोचने से यार वैसा तुम नहीं हो पाओगे मन की बातें करने वाले है हक़ीक़त अब यही इंदिरा गाँधी के जैसा तुम नहीं हो पाओगे
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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
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तुम ने छोड़ा तो किसी और से टकराऊँगा मैं कैसे मुमकिन है कि अंधे का कहीं सर न लगे
Umair Najmi
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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ये ख़ता है तो क्यूँ ये ख़ता है जिस में जाँ हम ही तुम पे फ़िदा हैं
Danish Balliavi
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इश्क़ से इल्तिफ़ात मेरी है ये नई वारदात मेरी है मैं ने चाहा है इतनी शिद्दत से यार वो काएनात मेरी है
Danish Balliavi
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हम ग़रीबों का रहनुमा है इश्क़ हम मरीज़ों की इक दवा है इश्क़ इश्क़ को वो समझ न पाएगा जो ये कहता है मसअला है इश्क़
Danish Balliavi
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मौजूद है जिगर में बहुत ग़म हुसैन का हम इस लिए तो करते हैं मातम हुसैन का अपना तो मुल्क दोस्तो बस एक मुल्क है लहरेगा सारे मुल्क में परचम हुसैन का
Danish Balliavi
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लग रहा है नारा बस ये हर जगह यूँँ हर गली या हुसैन या अली हाँ या हुसैन या अली
Danish Balliavi
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