मेरा क़ातिल ही मेरा मुंसिफ़ है क्या मिरे हक़ में फ़ैसला देगा
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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आप कहते थे कि रोने से न बदलेंगे नसीब उम्र भर आप की इस बात ने रोने न दिया
Sudarshan Fakir
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फिर न आया ख़याल जन्नत का जब तेरे घर का रास्ता देखा
Sudarshan Fakir
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तेरे जाने में और आने में हम ने सदियों का फ़ासला देखा
Sudarshan Fakir
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ज़िक्र जब होगा मोहब्बत में तबाही का कहीं याद हम आएँगे दुनिया को हवालों की तरह
Sudarshan Fakir
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इश्क़ है इश्क़ ये मज़ाक़ नहीं चंद लम्हों में फ़ैसला न करो
Sudarshan Fakir
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