मुहब्बत का यही अब बन गया दस्तूर ऐ दानिश मिरे दिल में जो होता है वही है दूर ऐ दानिश
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं
Rahat Indori
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दिन ढल गया और रात गुज़रने की आस में सूरज नदी में डूब गया, हम गिलास में
Rahat Indori
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम ग़रीबों का रहनुमा है इश्क़ हम मरीज़ों की इक दवा है इश्क़ इश्क़ को वो समझ न पाएगा जो ये कहता है मसअला है इश्क़
Danish Balliavi
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मौजूद है जिगर में बहुत ग़म हुसैन का हम इस लिए तो करते हैं मातम हुसैन का अपना तो मुल्क दोस्तो बस एक मुल्क है लहरेगा सारे मुल्क में परचम हुसैन का
Danish Balliavi
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ये ख़ता है तो क्यूँ ये ख़ता है जिस में जाँ हम ही तुम पे फ़िदा हैं
Danish Balliavi
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वो ख़ुद को भी मुहज़्ज़ब ही बताते हैं, जो नाजाइज़ ही बस पैसे कमाते हैं
Danish Balliavi
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वो जाने हम से ही क्यूँ दिल लगाए बैठा है वो सिर्फ़ हम पे भरोसा जताए बैठा है
Danish Balliavi
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