मुझ पर बिछा रही है अपने बदन की चादर मेरे बदन को उस ने बिस्तर बना दिया है
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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तुम मुझे याद अब नहीं आते अब मुझे याद हो गए हो तुम
Rachit Sonkar
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थोड़ा रोने से ग़म दिल का हल्का हुआ हम को गर्मी में बारिश से राहत मिली
Rachit Sonkar
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ज़रा सा ख़यालों में क्या खो गए हम ख़यालों ने हम को हक़ीक़त दिखा दी
Rachit Sonkar
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हिज्र ग़म और उदासी भी क्या चीज़ है इंतिज़ामात हैं ख़ुद-कुशी के सभी
Rachit Sonkar
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आप आ ही गए है तो मिल लीजिए वरना यूँँ तो किसी से मैं मिलता नहीं
Rachit Sonkar
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