न जाने कौन सा ग़म ढो रहे हो लगाकर दिल किसी से रो रहे हो ज़रा ख़ुद को कभी तुम यार देखो कि क्या थे यार तुम क्या हो रहे हो
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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यार चलता नहीं इश्क़ ऐसे यहाँ रोज़ सब सेे बताते फिरोगे अगर
Avijit Aman
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सिर्फ़ तुम को ही माना है अपना सिर्फ़ तुम को ही तरजीह दी है
Avijit Aman
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है करनी नौकरी भी और पढ़ना साथ है हम को हमीं को घर चलाना है हमीं को सोचना है सब पिता जी की इन्हीं बातों ने कर डाला बड़ा मुझ को तुम्हीं से आस है सब को तुम्हीं को देखना है सब
Avijit Aman
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तन्हा ख़ामोशी में रहने की बातें ख़ुद से ही सब कहने की मेरी परवाह मत करना तुम मुझ को आदत है दुख सहने की
Avijit Aman
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यार जिस पे बीतती है बस वही दुख जानता है
Avijit Aman
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