नहीं है ज़ख़्मों को बर्दाश्त मुझ को चैन कहाँ कि मेरे घाव महकते हैं फूलों की जैसे
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ज़िंदगी की सीख मुफ़्त में कहाँ से लाइए जाइए जनाब आप पहले दिल लुटाइए
Naresh sogarwal 'premi'
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ये समय जो है कि मुझ सेे अब तो कटता भी नहीं और ऐसा भी नहीं मैं जो कि लिख नहीं रहा
Naresh sogarwal 'premi'
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याद आई ख़ूब रोने दिया हम ने ख़ुद को पर ग़म में कभी रक़ीब की इस्तिदआ की नहीं
Naresh sogarwal 'premi'
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ये हुनर भी लिखने का मुझ में तो नहीं था पर इश्क़ जो भी करते हैं शा'इरी ही करते हैं
Naresh sogarwal 'premi'
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तुम से इस दिल को तसल्ली है करें भी क्या हम हम से था इश्क़ जिसे हम ने उसे छोड़ दिया
Naresh sogarwal 'premi'
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