पैर रख कर काँधे पर जिस के चढ़ना सीखा है तुम उसे समझा रहे सीढ़ी कैसी होती है
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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तजरबा बस तुम्हें है जीने का हम ने तो ज़िंदगी गँवाई है दस्त के आप ही मुसाफ़िर हो ख़ाक हम ने कहाँ उड़ाई है
Shubham Rai 'shubh'
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साँस लेने के भी पैसे देने होंगे इस क़दर महँगाई बढ़ती जा रही है
Shubham Rai 'shubh'
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अभी जंग जारी है हारा नहीं हूँ कि हथियार अपना उतारा नहीं हूँ ज़मीं है ये मेरी न ललकारो मुझ को सुनामी हूँ मैं कोई धारा नहीं हूँ
Shubham Rai 'shubh'
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जीतते ही तुम कहीं अच्छा सा कोई घर बनाओगे काम करने की जगह तुम घूम कर छुट्टी मनाओगे
Shubham Rai 'shubh'
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थाम लो जो हाथ तो सँभल सकता हूँ साथ तेरे मीलों तक चल सकता हूँ ता'रीफ़ें जो करे तो इठलाना मत वरना मैं भी बात बदल सकता हूँ
Shubham Rai 'shubh'
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