राह उन सेे हमारी अलग यूँँ रही साथ चल कर कभी हम मिले ही नहीं
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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ये जो सारा ज़माना मुझे चाहता एक तुम हो हमें जो नहीं चाहते
Kavi Naman bharat
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वचन आपने जो निभाया नहीं था, इरादा हमें क्यूँ जताया नहीं था तुम्हारे हृदय के भवन में बहुत हैं, हमें ये कभी क्यूँ बताया नहीं था
Kavi Naman bharat
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तड़प बस हमें तो तुम्हारी रही है तुम्हारे सिवा हम किसे और चाहें
Kavi Naman bharat
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स्वयं की खोज में जिस ने स्वयं का मूल जाना है नुकीले शूल को उस ने यहाँ पर फूल जाना है सभी नदियों की चाहत है समुंदर जीत लेना पर समुंदर से मिलन पर तो स्वयं को भूल जाना है
Kavi Naman bharat
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कुछ दिनों के बदल ने, यूँँ बदला तुम्हें प्यार तो है मगर सिर्फ़ हम सेे नहीं
Kavi Naman bharat
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