कुछ दिनों के बदल ने, यूँँ बदला तुम्हें प्यार तो है मगर सिर्फ़ हम सेे नहीं
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो
Jaun Elia
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ये जो सारा ज़माना मुझे चाहता एक तुम हो हमें जो नहीं चाहते
Kavi Naman bharat
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सुनी बात जग की,तो ऐसा हुआ फिर, जले जल में रघुवर,सिया के विरह में
Kavi Naman bharat
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तड़प बस हमें तो तुम्हारी रही है तुम्हारे सिवा हम किसे और चाहें
Kavi Naman bharat
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जमाना समझता हमारा विरह है बिछड़ के अलग हम हुए ही नहीं हैं
Kavi Naman bharat
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कभी रूप असली दिखाया नहीं था नज़र से नज़र को मिलाया नहीं था तुम्हें है अकेले रहाइश का अनुभव जिएँ हम अकेले सिखाया नहीं था
Kavi Naman bharat
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