कभी रूप असली दिखाया नहीं था नज़र से नज़र को मिलाया नहीं था तुम्हें है अकेले रहाइश का अनुभव जिएँ हम अकेले सिखाया नहीं था
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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जमाना समझता हमारा विरह है बिछड़ के अलग हम हुए ही नहीं हैं
Kavi Naman bharat
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स्वयं की खोज में जिस ने स्वयं का मूल जाना है नुकीले शूल को उस ने यहाँ पर फूल जाना है सभी नदियों की चाहत है समुंदर जीत लेना पर समुंदर से मिलन पर तो स्वयं को भूल जाना है
Kavi Naman bharat
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सुनी बात जग की,तो ऐसा हुआ फिर, जले जल में रघुवर,सिया के विरह में
Kavi Naman bharat
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कुछ दिनों के बदल ने, यूँँ बदला तुम्हें प्यार तो है मगर सिर्फ़ हम सेे नहीं
Kavi Naman bharat
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राह उन सेे हमारी अलग यूँँ रही साथ चल कर कभी हम मिले ही नहीं
Kavi Naman bharat
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