रगों में दौड़ता है खूँ की तरह हिंदुस्ताँ हर इक को मिलता नहीं ये नसीब अब साहिर
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
More from Sahir banarasi
सोचता हूँ चूम लूँ उन हाथों को दुनिया में जो शा'इरी ज़िंदा रखें
Sahir banarasi
0 likes
इस तरफ़ लोग हैं उस ओर भी होंगे 'साहिर' देखो ये जंग में इंसान न मारा जाए
Sahir banarasi
0 likes
हम भी इंसान अच्छे थे 'साहिर' शा'इरी ने हमें बिगाड़ा है
Sahir banarasi
0 likes
फूलों पे इतनी पहरा-दारी क्यूँ भौंरो पे सारी दुनिया-दारी क्यूँ
Sahir banarasi
0 likes
ग़म है उलझन है तन्हाई है इस सेे अच्छा तो मर ही जाते
Sahir banarasi
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sahir banarasi.
Similar Moods
More moods that pair well with Sahir banarasi's sher.







