रंग दरकार थे हम को तिरी ख़ामोशी के एक आवाज़ की तस्वीर बनानी थी हमें
sherKuch Alfaaz
Nazir Wahid8 Likes
Related Sher
सखियों संग रँगने की धमकी सुन कर क्या डर जाऊँगा तेरी गली में क्या होगा ये मालूम है पर आऊँगा
Kumar Vishwas
69 likes
उठाओ कैमरा तस्वीर खींच लो इन की उदास लोग कहाँ रोज़ मुस्कराते हैं
Malikzada Javed
66 likes
क़स में, वादे, दरवाज़े तो ठीक हैं पर ख़ामोशी को तोड़ नहीं सकता हूँ मैं
Tanoj Dadhich
69 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
75 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Nazir Wahid.
Similar Moods
More moods that pair well with Nazir Wahid's sher.







