साहिल से जिन्हें लहरें ले जाती बहा कर है उन रेत से ख़्वाबों का घरौंदा नहीं बनना
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है
Bhaskar Shukla
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यूँ तो हर शाम उमीदों में गुज़र जाती है आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया
Shakeel Badayuni
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वो मेरी पाज़ेब की झंकार से बीमार है तो शिफ़ा ता-उम्र उस को अब मिलेगी ही नहीं
Meenakshi Masoom
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फूल की आग़ोश में मदहोश जब तितली रहे फूल चाहे वक़्त थम जाए हवा धीमी रहे
Meenakshi Masoom
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अपनी उदास शक्ल छुपाने के वास्ते हँसता हुआ हसीन मुखौटा पहन लिया
Meenakshi Masoom
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इश्क़ में दिल मश्वरा न कर यूँ अना से रस्म-ए-वफ़ा की ये जानकार नहीं है
Meenakshi Masoom
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रहे सीने से लिपटा शॉल पहरेदार बन उन के उसी से आज झुमकों के उलझने के इरादे हैं
Meenakshi Masoom
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