सिलसिला ये है कि अब वो भी ख़फ़ा रहने लगा ख़्वाब रूठा मेरी आँखों से जुदा रहने लगा मेरे एहसास की चाँदी की चमक मद्धम है जब से आपे में मुहब्बत का ख़ुदा रहने लगा
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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एक तस्वीर बनाऊँगा तेरी और फिर हाथ लगाऊँगा तुझे
Nasir khan 'Nasir'
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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पहले लगा था हिज्र में जाएँगे जान से पर जी रहे हैं और भी हम इत्मीनान से
Ankit Maurya
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एक मुझे ख़्वाब देखने के सिवा चाय पीने की गंदी आदत है
Balmohan Pandey
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तू समझ सके कभी मुझ को मेरी निगाह से, कभी यूँँ भी हो कि ये ख़्वाब था मेरी आँख में, गई रात चुपके से मर गया
Moni Gopal Tapish
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वो बिकाऊ नहीं उस की कोई मजबूरी है पेट की भट्टी का ईंधन ही बहुत महँगा है
Moni Gopal Tapish
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रात फिर आँखों की धरती देर तक जलती रही देर तक अश्कों का सावन टूट कर बरसा किया
Moni Gopal Tapish
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कुछ पल हम ने साथ बिताए एक डगर पर ये क़िस्सा दरियाओं को तुग़्यानी देगा हम महफ़िल महफ़िल सजने वाले मौसम हैं कौन बता ऐ तपिश हमें वीरानी देगा
Moni Gopal Tapish
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ज़ख़्म फिर हँस दिया पुराना कोई आज अश्कों ने फिर बग़ावत की
Moni Gopal Tapish
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