तू समझ सके कभी मुझ को मेरी निगाह से, कभी यूँँ भी हो कि ये ख़्वाब था मेरी आँख में, गई रात चुपके से मर गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ज़ख़्म फिर हँस दिया पुराना कोई आज अश्कों ने फिर बग़ावत की
Moni Gopal Tapish
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वो बिकाऊ नहीं उस की कोई मजबूरी है पेट की भट्टी का ईंधन ही बहुत महँगा है
Moni Gopal Tapish
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तेरी रफ़्तार गुफ़्तार के शोख़ क़िस्से क़लम कर लिए तेरी बख़्शी हुई नेमतों में तेरा ग़म अकेला रहा
Moni Gopal Tapish
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कुछ पल हम ने साथ बिताए एक डगर पर ये क़िस्सा दरियाओं को तुग़्यानी देगा हम महफ़िल महफ़िल सजने वाले मौसम हैं कौन बता ऐ तपिश हमें वीरानी देगा
Moni Gopal Tapish
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मेरी फ़ितरत नहीं भूल जाऊँ उसे जो मुक़द्दर में मेरे लिखा ही न हो लाख हक़ में न हो पर मुझे चाहिए आसमानों का रुख़ वो दहकता हुआ
Moni Gopal Tapish
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