मेरी फ़ितरत नहीं भूल जाऊँ उसे जो मुक़द्दर में मेरे लिखा ही न हो लाख हक़ में न हो पर मुझे चाहिए आसमानों का रुख़ वो दहकता हुआ
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तू समझ सके कभी मुझ को मेरी निगाह से, कभी यूँँ भी हो कि ये ख़्वाब था मेरी आँख में, गई रात चुपके से मर गया
Moni Gopal Tapish
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वो बिकाऊ नहीं उस की कोई मजबूरी है पेट की भट्टी का ईंधन ही बहुत महँगा है
Moni Gopal Tapish
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तू कि रौशन दिए की महक की तरह,सर्द रातों के दिल में लहकता हुआ मैं कि सूरज का टुकड़ा मगर बुझ गया, शाम के दर पे आख़िर सिसकता हुआ
Moni Gopal Tapish
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ज़ख़्म फिर हँस दिया पुराना कोई आज अश्कों ने फिर बग़ावत की
Moni Gopal Tapish
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सिलसिला ये है कि अब वो भी ख़फ़ा रहने लगा ख़्वाब रूठा मेरी आँखों से जुदा रहने लगा मेरे एहसास की चाँदी की चमक मद्धम है जब से आपे में मुहब्बत का ख़ुदा रहने लगा
Moni Gopal Tapish
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