सूखे फूल संभाले हँसती रहती है औरत सारी उम्र ही लड़की रहती है
sherKuch Alfaaz
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मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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दुख तो बहुत मिले हैं मोहब्बत नहीं मिली या'नी कि जिस्म मिल गया औरत नहीं मिली मुझ को पिता की आँख के आँसू तो मिल गए मुझ को पिता से ज़ब्त की आदत नहीं मिली
Abhishar Geeta Shukla
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ख़ुदा ने ये सिफ़त दुनिया की हर औरत को बख़्शी है कि वो पागल भी हो जाए तो बेटे याद रहते हैं
Munawwar Rana
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घर की तक़्सीम में अँगनाई गँवा बैठे हैं फूल गुलशन से शनासाई गँवा बैठे हैं बात आँखों से समझ लेने का दावा मत कर हम इसी शौक़ में बीनाई गँवा बैठे हैं
Abrar Kashif
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लोग काँटों से बच के चलते हैं मैं ने फूलों से ज़ख़्म खाए हैं
Unknown
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