तलब जैसी हमें थी ज़िन्दगी वैसी न मिल पाई ख़ुशी हमनें बहुत ढूँढी ख़ुशी वैसी न मिल पाई बड़ी ज़िंदा-दिली से ज़िन्दगी तो जी गए लेकिन सुकूँ से जो गुज़र पाती घड़ी वैसी न मिल पाई
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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तुम्हारे नाम की हर लड़की से मिला हूँ मैं तुम्हारा नाम फ़क़त तुम पे अच्छा लगता है
Unknown
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देखिए दूध का धुला नहीं हूँ हाँ मगर उतना भी बुरा नहीं हूँ
Shivang Tiwari
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वादी झरने बर्फ़ की बातें करता है वो दिल ही में कश्मीर बसाए बैठा है
Shivang Tiwari
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जिन की आँखों में चुभ रहा हूँ आज कल मुझे देखने को तरसेंगे
Shivang Tiwari
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उलझे ख़याल दे कर ये साल चल दिया है दिल को मलाल दे कर ये साल चल दिया है कब कैसे किस तरह क्यूँ कितना कहाँ गँवाया कितने सवाल दे कर ये साल चल दिया है
Shivang Tiwari
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अच्छी लगी है उस की कोई बात आप को जिस का ख़याल आ रहा दिन-रात आप को
Shivang Tiwari
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