उम्र शायद न करे आज वफ़ा काटना है शब-ए-तन्हाई का
Related Sher
इस लिए ये महीना ही शामिल नहीं उम्र की जंत्री में हमारी उस ने इक दिन कहा था कि शादी है इस फरवरी में हमारी
Tehzeeb Hafi
184 likes
कोई चादर वफ़ा नहीं करती वक़्त जब खींच-तान करता है
Unknown
81 likes
आज पहली दफ़ा लगा मुझ को वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को बस बिना बात ही बिगड़ता था बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को
Sandeep Thakur
81 likes
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
135 likes
आज हम दोनों को फ़ुर्सत है, चलो इश्क़ करें इश्क़ दोनों की ज़रूरत है, चलो इश्क़ करें
Rahat Indori
143 likes
More from Altaf Hussain Hali
हम ने अव्वल से पढ़ी है ये किताब आख़िर तक हम से पूछे कोई होती है मोहब्बत कैसी
Altaf Hussain Hali
8 likes
हम जिस पे मर रहे हैं वो है बात ही कुछ और आलम में तुझ से लाख सही तू मगर कहाँ
Altaf Hussain Hali
8 likes
यही है इबादत यही दीन-ओ-ईमाँ कि काम आए दुनिया में इंसाँ के इंसाँ
Altaf Hussain Hali
6 likes
हम ने हर अदना को आ'ला कर दिया ख़ाकसारी अपनी काम आई बहुत
Altaf Hussain Hali
6 likes
राज़ी हैं हम कि दोस्त से हो दुश्मनी मगर दुश्मन को हम से दोस्त बनाया न जाएगा
Altaf Hussain Hali
10 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Altaf Hussain Hali.
Similar Moods
More moods that pair well with Altaf Hussain Hali's sher.







