वो जो हम में तुम में क़रार था तुम्हें याद हो कि न याद हो वही या'नी वा'दा निबाह का तुम्हें याद हो कि न याद हो
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Momin Khan Momin
ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम पर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम
Momin Khan Momin
18 likes
रोया करेंगे आप भी पहरों इसी तरह अटका कहीं जो आप का दिल भी मिरी तरह आता नहीं है वो तो किसी ढब से दाव में बनती नहीं है मिलने की उस के कोई तरह
Momin Khan Momin
28 likes
तुम मिरे पास होते हो गोया जब कोई दूसरा नहीं होता
Momin Khan Momin
29 likes
थी वस्ल में भी फ़िक्र-ए-जुदाई तमाम शब वो आए तो भी नींद न आई तमाम शब
Momin Khan Momin
31 likes
हाथ टूटें मैं ने गर छेड़ी हों ज़ुल्फ़ें आप की आप के सर की क़सम बाद-ए-सबा थी मैं न था
Momin Khan Momin
35 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Momin Khan Momin.
Similar Moods
More moods that pair well with Momin Khan Momin's sher.







