यूँँ साथ तो न जाने क्या-क्या नहीं चला हमराह पर वही था जो साथ थम सका
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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वादे तकल्लुफ़ होते हैं 'लेखक' कुछ करना तो कोशिश करना तुम
Lekhak Suyash
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तुम बहारों में पले हो मैं ख़िज़ाँओं का ख़ुदा हूँ
Lekhak Suyash
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तुम को दर्द भी होता है क्या तुम ऐसे कैसे लड़के हो
Lekhak Suyash
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पर खोले हैं फ़क़त अभी बहुत उड़ानें बाक़ी हैं
Lekhak Suyash
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हम को तो साथ में जीना है मरने के वादे कौन करे
Lekhak Suyash
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