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mujhe malal bhi us ki taraf se hota hai magar ye haal bhi us ki taraf se hota hai main tutta bhi huun aur khud hi jud bhi jaata huun ki ye kamal bhi us ki taraf se hota hai pukarta bhi vahi hai mujhe safar ke liye safar muhal bhi us ki taraf se hota hai javab deta hai mere har ik saval ka vo magar saval bhi us ki taraf se hota hai vo mere haal se mujh ko hi be-khabar kar de ye ehtimal bhi us ki taraf se hota hai main us ke hijr men kyuun tuut kar nahin roya ye ik saval bhi us ki taraf se hota hai jab agahi mujhe gumrah karti hai 'mohsin' junun bahal bhi us ki taraf se hota hai mujhe malal bhi us ki taraf se hota hai magar ye haal bhi us ki taraf se hota hai main tutta bhi hun aur khud hi jud bhi jata hun ki ye kamal bhi us ki taraf se hota hai pukarta bhi wahi hai mujhe safar ke liye safar muhaal bhi us ki taraf se hota hai jawab deta hai mere har ek sawal ka wo magar sawal bhi us ki taraf se hota hai wo mere haal se mujh ko hi be-khabar kar de ye ehtimal bhi us ki taraf se hota hai main us ke hijr mein kyun tut kar nahin roya ye ek sawal bhi us ki taraf se hota hai jab aagahi mujhe gumrah karti hai 'mohsin' junun bahaal bhi us ki taraf se hota hai

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उसी जगह पर जहाँ कई रास्ते मिलेंगे पलट के आए तो सब सेे पहले तुझे मिलेंगे अगर कभी तेरे नाम पर जंग हो गई तो हम ऐसे बुज़दिल भी पहली सफ़ में खड़े मिलेंगे तुझे ये सड़कें मेरे तवस्सुत से जानती हैं तुझे हमेशा ये सब इशारे खुले मिलेंगे

Tehzeeb Hafi

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यही अपनी कहानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले वो लड़की जाँ हमारी थी, मियाँ पहले बहुत पहले वहम मुझ को ये भाता है,अभी मेरी दिवानी है मगर मेरी दिवानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है, वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले, बहुत पहले अदब से माँग कर माफ़ी भरी महफ़िल ये कहता हूँ वो लड़की ख़ानदानी थी, मियाँ पहले बहुत पहले

Anand Raj Singh

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क्यूँँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा हँसती आँखों में झाँक कर देखो कोई आँसू कहीं छुपा होगा इन दिनों ना-उमीद सा हूँ मैं शायद उस ने भी ये सुना होगा देख कर तुम को सोचता हूँ मैं क्या किसी ने तुम्हें छुआ होगा

Javed Akhtar

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मेरे बस में नहीं वरना क़ुदरत का लिखा हुआ काटता तेरे हिस्से में आए बुरे दिन कोई दूसरा काटता लारियों से ज़्यादा बहाव था तेरे हर इक लफ्ज़ में मैं इशारा नहीं काट सकता तेरी बात क्या काटता मैं ने भी ज़िंदगी और शब ए हिज्र काटी है सबकी तरह वैसे बेहतर तो ये था के मैं कम से कम कुछ नया काटता तेरे होते हुए मोमबत्ती बुझाई किसी और ने क्या ख़ुशी रह गई थी जन्मदिन की, मैं केक क्या काटता कोई भी तो नहीं जो मेरे भूखे रहने पे नाराज़ हो जेल में तेरी तस्वीर होती तो हँसकर सज़ा काटता

Tehzeeb Hafi

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चाँद सितारे फूल परिंदे शाम सवेरा एक तरफ़ सारी दुनिया उस का चर्बा उस का चेहरा एक‌ तरफ़ वो लड़कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस सेे मुहब्बत एक तरफ़ है उस सेे झगड़ा एक तरफ़ जिस शय पर वो उँगली रख दे उस को वो दिलवानी है उस की ख़ुशियाँ सब से अव्वल सस्ता महँगा एक तरफ़ ज़ख़्मों पर मरहम लगवाओ लेकिन उस के हाथों से चारासाज़ी एक तरफ़ है उस का छूना एक तरफ़ सारी दुनिया जो भी बोले सब कुछ शोर शराबा है सब का कहना एक तरफ़ है उस का कहना एक तरफ़ उस ने सारी दुनिया माँगी मैं ने उस को माँगा है उस के सपने एक तरफ़ है मेरा सपना एक तरफ़

Varun Anand

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मिरे बारे में कुछ सोचो मुझे नींद आ रही है मुझे ज़ाएअ'' न होने दो मुझे नींद आ रही है मिरे अंदर के दुख चेहरे से ज़ाहिर हो रहे हैं मिरी तस्वीर मत खींचो मुझे नींद आ रही है तो क्या सारे गिले-शिकवे अभी कर लोगे मुझ से कुछ अब कल के लिए रक्खो मुझे नींद आ रही है सहर होगी तो देखेंगे कि हैं क्या क्या मसाइल ज़रा सी देर सोने दो मुझे नींद आ रही है तुम्हारा काम है सारी हिसें बेदार रखना मिरे शाने पे सर रक्खो मुझे नींद आ रही है बहुत कुछ तुम से कहना था मगर मैं कह न पाया लो मेरी डाइरी रख लो मुझे नींद आ रही है

Mohsin Asrar

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मुझे मलाल भी उस की तरफ़ से होता है मगर ये हाल भी उस की तरफ़ से होता है मैं टूटता भी हूँ और ख़ुद ही जुड़ भी जाता हूँ कि ये कमाल भी उस की तरफ़ से होता है पुकारता भी वही है मुझे सफ़र के लिए सफ़र मुहाल भी उस की तरफ़ से होता है जवाब देता है मेरे हर इक सवाल का वो मगर सवाल भी उस की तरफ़ से होता है वो मेरे हाल से मुझ को ही बे-ख़बर कर दे ये एहतिमाल भी उस की तरफ़ से होता है मैं उस के हिज्र में क्यूँँ टूट कर नहीं रोया ये इक सवाल भी उस की तरफ़ से होता है जब आगही मुझे गुमराह करती है 'मोहसिन' जुनूँ बहाल भी उस की तरफ़ से होता है

Mohsin Asrar

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