आईने के दोनों तरफ़ मुजरिम खड़ा है और लोग हैं कि आईने को गुनहगार बताते हैं
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे
Jaun Elia
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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ये कैसा तजुर्बा है कि दिल जलाने पे अक्सर अँधेरा छा जाता है रौशनी नहीं होती
Murli Dhakad
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ये हमें किस ने वर्चस्व की लड़ाई दी जो है ही नहीं उसे खोते हम हैं है सारी रात का दर्द हम कुत्तों को हो कोई उदास रोते हम हैं
Murli Dhakad
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जाम कहने सुनने को कहानी रह गया है और पीने को बस पानी रह गया है
Murli Dhakad
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अपने इरादों को अपनी जेब में रखा है टटोलते टटोलते आस्तीन फट गई है
Murli Dhakad
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मेरी उँगलियों में पड़ गई है गिरहें तेरे गेसुओं की आजकल किसी भी बात पर अकड़ जाती है
Murli Dhakad
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