आख़िर कौन सिसकता है तेरे अंदर आज उदासी ने भी पूछ लिया मुझ सेे
Related Sher
हाथ ख़ाली है तेरे शहर से जाते जाते जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
Rahat Indori
118 likes
कौन तुम्हारे पास से उठ कर घर जाता है तुम जिस को छू लेती हो वो मर जाता है
Tehzeeb Hafi
207 likes
सब परिंदों से प्यार लूँगा मैं पेड़ का रूप धार लूँगा मैं तू निशाने पे आ भी जाए अगर कौन सा तीर मार लूँगा मैं
Tehzeeb Hafi
192 likes
मेरे अंदर से आ जाओ बाहर गहमा-गहमी है एक बदन में दो लोगों को कैसे घर ले जाऊँगा
nakul kumar
75 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
More from Rohit Gustakh
ये भी मशहूर था कूचे में उस के जिसे तुम लोग पागल कह रहे हो
Rohit Gustakh
0 likes
इशारे में उस ने कहा मुस्कुरा कर इशारे से तुम को इशारा करेंगे
Rohit Gustakh
0 likes
ज़माने में किसी से दिल लगाकर किसी का दिल दुखाया था किसी ने
Rohit Gustakh
8 likes
वक़्त की थी कमी गर्दिशों के थे दिन वक़्त देना पड़ा हर किसी के लिए
Rohit Gustakh
18 likes
ग़म-ए-दुनिया से आगे कुछ नहीं है जहाँ तुम आशनाई कर रही हो
Rohit Gustakh
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rohit Gustakh.
Similar Moods
More moods that pair well with Rohit Gustakh's sher.







