आँखों में जिस के सच्चाई देखो उस में खो जाना लब से पहले जो चू में माथे को उस के हो जाना
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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मैं अकेला ही नहीं था इश्क़ में जो लिखे उस ने वो ख़त भी देखिए काग़ज़ी है इश्क़ अब तो मानिए काग़ज़ों पर दस्तख़त भी देखिए
Ravi 'VEER'
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शा'इरी ये हुस्न और ये इश्क़ की बातें जनाब इक समय तक ठीक है फिर छोड़ देनी चाहिए
Ravi 'VEER'
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अक्सर इक पल में आँगन से जैसे चिड़िया उड़ जाती है ख़्वाब अधूरे रह जाते हैं मेरी निंदिया उड़ जाती है
Ravi 'VEER'
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तिरे बिन मिरे दिन ये कटते नहीं है बता क्या करें हम अगर रात हो तो
Ravi 'VEER'
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तेरे इनकार का रत्ती ज़रा भी ग़म नहीं मुझ को मगर मुझ को तेरे बर्ताव पर रोना बहुत आया
Ravi 'VEER'
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